कारण ट्रबल कोड P0120
अब बात करते हैं, आखिर ये कोड क्यों आता है। मेरी दुकान पर जितनी बार p0120 कोड आया है, सबसे आम वजहें ये रही हैं:
- थ्रॉटल पोजिशन सेंसर (TP) पूरी तरह से ढीला या मर चुका होता है।
- एक्सेलेरेटर पेडल पोजिशन सेंसर (APP) में गड़बड़ हो जाती है – कई बार तो अंदर से पानी चला जाता है।
- सेंसर के तार या कनेक्टर में कट या जंग – एक बार Renault आई थी, तार में इतना जंग था कि हाथ लगाते ही टूट गया।
- थ्रॉटल बॉडी में गंदगी – कार्बन की इतनी परत जम जाती है कि सेंसर सही से काम ही नहीं करता।
- PCM यानी इंजन कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर का मसला – ये कम होता है, लेकिन कभी-कभी देखने को मिलता है।
मैंने देखा है, Mercedes Benz हो या Renault, गाड़ी के कनेक्टर में नमी या तारों में जंग लग जाए, तो कोड तुरंत आ जाता है। एक बार तो Ford में बस एक तार की छोटी सी कट थी – पूरे हफ्ते मालिक परेशान रहा।
लक्षण फॉल्ट कोड P0120
अब मान लो आपकी Mercedes Benz में p0120 कोड आ गया है, तो क्या-क्या लक्षण दिखेंगे? मेरी दुकान पर आने वाली गाड़ियों में ये चीजें सबसे ज्यादा देखने को मिली हैं:
- इंजन चेक लाइट का जलना – सबसे पहली निशानी।
- इंजन का मिसफायर – गाड़ी चलते-चलते झटका मारती है।
- स्टार्ट करने में दिक्कत – कभी-कभी तो कई बार कोशिश करनी पड़ती है।
- एक्सेलेरेशन के वक्त झटका या रुकावट – जैसे गाड़ी सोच रही हो, आगे बढ़ूं या नहीं।
कई बार तो गाड़ी लिम्प मोड में चली जाती है – स्पीड ऐसी कम हो जाती है कि ओवरटेक करना भूल जाओ। एक Renault आई थी, मालिक बोला गाड़ी बस 30 पर ही अटक गई – सीधा p0120 कोड निकला।

निदान P0120
अब असली काम – कैसे पता करें कि गड़बड़ कहां है? जब dtc p0120 renault या कोई भी गाड़ी मेरे पास आती है, तो मैं हमेशा स्टार्ट करता हूं इन बेसिक स्टेप्स से:
- सबसे पहले बैटरी के टर्मिनल डिस्कनेक्ट कर दो, फिर कनेक्ट करो – कभी-कभी बस यही ट्रिक से कोड गायब हो जाता है।
- थ्रॉटल पोजिशन सेंसर और एक्सेलेरेटर पेडल पोजिशन सेंसर के कनेक्टर और वायरिंग को हाथ से हिला-डुलाकर चेक करो – कट, जंग, या ढीलापन तो नहीं है? एक बार मैंने देखा, सिर्फ एक कनेक्टर ढीला था, सेंसर बिल्कुल ठीक था।
- थ्रॉटल बॉडी के आसपास गंदगी तो नहीं – एक बार कार्बन की इतनी परत थी कि सेंसर का मूड ही खराब हो गया।
- अगर सब दिखे ठीक, तो मल्टीमीटर निकालो और TP सेंसर का वोल्टेज मापो – 5V रेफरेंस होना चाहिए। कम-ज्यादा है तो समझो सेंसर या वायरिंग में ही गड़बड़ है।
- OBD स्कैनर से थ्रॉटल ओपनिंग पर्सेंटेज और पोजिशन डेटा लाइव देखो – अगर रीडिंग्स झटके से बदल रही हैं या फिक्स हो गई हैं, तो सेंसर गया काम से।
- अगर ऊपर सब सही, तो आखिर में PCM की सॉफ्टवेयर अपडेट या हार्डवेयर चेक करवाओ – ये काम कम ही पड़ता है, लेकिन गड़बड़ हो सकती है।
मेरी सलाह – कोई भी स्टेप छोड़ना मत। छोटी गलती बड़ी मुसीबत बन सकती है। कई बार लोग जल्दी में वायरिंग देखना ही भूल जाते हैं – बस सेंसर बदल दिया, कोड फिर भी आ गया।
आम गलतियाँ कोड P0120
अब सुनो, मैंने जितने साल दुकान चलाई, इतने लोगों को देखा है जो ये गलतियाँ बार-बार करते हैं:
- सीधा सेंसर बदल देते हैं, बिना वायरिंग या कनेक्टर को देखे – एक बार तो नया सेंसर भी नहीं चला, असली पंगा तार में था।
- थ्रॉटल बॉडी की सफाई भूल जाते हैं – सेंसर बदल दिया, लेकिन कार्बन जमा ही रह गया।
- मल्टीमीटर से वोल्टेज टेस्टिंग स्किप कर देते हैं – कभी-कभी वोल्टेज ही बता देता है असली मर्ज।
- PCM या ECM को बदल देते हैं – इतना खर्चा कर लिया, जबकि असली दिक्कत सेंसर या तार में थी।
मेरी सलाह – इन गलतियों से बचो। वरना मेहनत और पैसे दोनों की बर्बादी होगी। एक बार एक Mercedes Benz का मालिक आया, दो बार सेंसर बदल चुका था, असल में बस कनेक्टर में जंग थी।

गंभीरता ईओबीडी ओबीडी2 P0120
देखो, ईमानदारी से कहूं तो इस कोड को हल्के में लेना खतरे की घंटी है। थ्रॉटल पोजिशन सेंसर या वायरिंग की गड़बड़ से गाड़ी का एक्सेलेरेशन झटके से कम या ज्यादा हो सकता है – सड़क पर ये सीधा खतरा है। मिसफायरिंग से कैटेलिटिक कनवर्टर, स्पार्क प्लग्स, और बाकी इंजन पार्ट्स भी बर्बाद हो सकते हैं। लिम्प मोड में गाड़ी चलाना मतलब ओवरटेकिंग भूल जाओ, ट्रैफिक में फंस जाओ। ऐसी हालत में गाड़ी चलाना टालो – सेफ्टी सबसे जरूरी है। एक Renault की कहानी याद है – मालिक ने कोड नजरअंदाज किया, नतीजा – कैटेलिटिक कनवर्टर गया काम से और 15,000 खर्च हो गया।
मरम्मत डीटीसी P0120
अब बात आती है, आखिर ठीक कैसे करें dtc p0120 को? ये मेरा रोज का काम है, और मैंने देखा है – सबसे असरदार तरीके ये हैं:
- थ्रॉटल पोजिशन सेंसर (TP) या एक्सेलेरेटर पेडल पोजिशन सेंसर (APP) को बदल दो – अगर वाकई में ये खराब हैं।
- सेंसर के तार और कनेक्टर को अच्छे से साफ या ठीक करो – कई बार बस सफाई से गाड़ी फिर से चालू हो जाती है।
- थ्रॉटल बॉडी की अच्छी तरह सफाई करो या जरूरत हो तो उसे बदल दो – कार्बन की परत सेंसर को गच्चा दे देती है।
- PCM/ECM की सॉफ्टवेयर अपडेट कराओ – हार्डवेयर बदलना तो बहुत कम ही पड़ता है।
क्या करें – रिपेयर के बाद हमेशा OBD स्कैनर से कोड फिर से चेक करो। कई बार लगता है दिक्कत गई, लेकिन कोड फिर से टपक पड़ता है। एक बार एक Renault में रिपेयर के बाद दोबारा स्कैन नहीं किया, बाद में वही कोड फिर आ गया।
निष्कर्ष
तो आखिर में, P0120 कोड का मतलब साफ है – आपकी गाड़ी के थ्रॉटल या पेडल पोजिशन सेंसर के सर्किट में झोल है, जो इंजन की परफॉर्मेंस और सेफ्टी दोनों बिगाड़ सकता है। मेरी सलाह – सबसे पहले तार, कनेक्टर और सेंसर की बुनियादी जांच करो, फिर जरूरत पड़े तो सेंसर या थ्रॉटल बॉडी बदलो। इस कोड को टालना मत – जितनी जल्दी ठीक कराओगे, उतना ही चैन और सेफ्टी मिलेगी। पुराने जमाने के मकैनिक की यही राय है – गाड़ी की सेहत से खिलवाड़ मत करो!





