dtc P0718 के कारण क्या हैं
अब तक मैंने जितनी गाड़ियाँ देखी हैं, उनमें P0718 कोड के पीछे कुछ वजहें बार-बार सामने आई हैं:
- इनपुट स्पीड सेंसर ने दम तोड़ दिया हो या सुस्त हो गया हो
- सेंसर की वायरिंग में कट, ढीलापन या कनेक्टर के पिन जले हुए मिल जाएं
- PCM (पावरट्रेन कंट्रोल मॉड्यूल) में कभी-कभी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर की गड़बड़ भी खेल कर जाती है
- सेंसर के मैग्नेट पर धातु का बारीक कचरा या गंदगी जम जाना
एक बार मेरे पास एक हुंडई आई20 आई थी – मालिक ने सोचा ट्रांसमिशन गया! असल में सेंसर के कनेक्टर में सिर्फ एक पिन ढीला था। और एक बार, बस सेंसर पर लोहे का बुरादा चिपका था, बस उसे साफ किया और गाड़ी फटाफट ठीक हो गई।
eobd obdii P0718 के लक्षण
P0718 कोड आया तो गाड़ी कुछ ऐसे इशारे देती है, जिन्हें नज़रअंदाज़ मत करो:
- स्पीडोमीटर या ओडोमीटर डेड हो जाए या स्पीड गलत दिखाए
- गियर शिफ्टिंग में झटका, देर या उलझन – यानि गाड़ी टाइम पर गियर नहीं बदलेगी या गियर चेंज करते वक्त झटका लगेगा
- माइलेज घट सकता है – पेट्रोल की प्यास अचानक बढ़ जाए तो समझो कुछ गड़बड़ है
- ड्राइविंग स्मूथ नहीं लगेगी, जैसे गाड़ी हिचकोले खा रही हो
कई बार तो ग्राहक डर कर सीधे वर्कशॉप भागते हैं कि गाड़ी गियर में फँस गई या स्पीडोमीटर बंद है – ये सब P0718 की क्लासिक निशानियाँ हैं।

fault code P0718 की डायग्नोसिस कैसे करें
मेरे गैरेज में हमेशा एक नियम है – आसान से शुरू करो। सबसे पहले, सेंसर की वायरिंग और कनेक्टर गौर से देखो – कट, जला हुआ हिस्सा या ढीला पिन तो नहीं? एक बार एक Alto आई थी, बस कनेक्टर का लॉक खुला मिला।
फिर, बैटरी और अल्टरनेटर की वोल्टेज चेक करता हूँ। कम वोल्टेज कभी-कभी सेंसर को गड़बड़ा देती है। उसके बाद स्कैनर से सारे कोड्स पढ़ो, स्टॉप-फ्रेम डेटा नोट करो – ताकि असली वजह पकड़ में आए।
सेंसर निकालते वक्त थोड़ा ध्यान दो, कभी-कभी ट्रांसमिशन ऑयल बाहर आ जाता है – हाथ गंदे तो होंगे ही! सेंसर के मैग्नेट और रिएक्टर व्हील की ग्रूव्स साफ-साफ देखो – धातु का कचरा या टूटा हिस्सा नजर आ जाए तो jackpot।
अब DVOM (डिजिटल वोल्ट/ओम मीटर) से सेंसर की रेजिस्टेंस और वोल्टेज चेक करो। अगर वैल्यू मैन्युफैक्चरर के नंबर से बाहर है, तो सेंसर बदलना ही पड़ेगा। अगर सेंसर और वायरिंग सही निकली, तो शक PCM की तरफ जाता है – हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की चेकिंग करनी पड़ती है।
trouble code P0718 डायग्नोस करते समय आम गलतियां
देखो, जल्दी में सेंसर बदलना सबसे बड़ी गलती है – ये नया पार्ट डालने से पहले पुरानी वायरिंग और कनेक्टर अच्छे से चेक करो। कस्टमर अक्सर मेरे पास नया सेंसर लेकर आते हैं, असली दिक्कत बस एक टूटी वायर होती है!
कई बार लोग सेंसर पर जमी हुई गंदगी या मैग्नेटिक डस्ट साफ करना भूल जाते हैं – नया सेंसर भी उसमें फँस जाएगा। बैटरी और अल्टरनेटर की वोल्टेज इग्नोर न करो – ये छोटी सी चीज बड़ी दिक्कत दे सकती है।
और हाँ, TSB (टेक्निकल सर्विस बुलेटिन) देखना मत भूलो। कई बार कंपनी की तरफ से कोई अपडेट या ट्रिक आई होती है, वो पता चले तो काम आसान हो जाता है।

P0718 की गंभीरता
अब सीधी बात – इस कोड को हल्के में लिया तो दिक्कत बड़ी हो सकती है। गियर शिफ्टिंग में गड़बड़ी से गाड़ी सड़क पर अटक सकती है या गलत गियर में फँस सकती है – सीधा एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।
स्पीडोमीटर/ओडोमीटर बंद हो जाए तो खुद सोचो, ट्रैफिक में कैसे चलाओगे? ऊपर से अगर ये समस्या लम्बे वक्त तक रही, तो ट्रांसमिशन के अंदरूनी पार्ट्स – इनपुट शाफ्ट, गियर, क्लच पैक – सबको नुकसान हो सकता है। कहावत है – 'समय पर इलाज, वरना बर्बादी तय!'
obd P0718 की मरम्मत कैसे करें
मेरे तजुर्बे में, ये स्टेप्स सबसे ज्यादा काम करते हैं:
- इनपुट स्पीड सेंसर की अच्छे से सफाई करो, नहीं तो नया लगा दो अगर पुराना मर चुका है
- सेंसर की वायरिंग और कनेक्टर को रिपेयर या बदल दो
- PCM में दिक्कत निकले तो री-प्रोग्रामिंग या रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ सकती है
- सेंसर के मैग्नेट पर जमी धातु की गंदगी अच्छे से हटा दो
मैं हमेशा कहता हूँ – पहले सफाई और वायरिंग की पूरी जांच करो, पार्ट बदलना आखिरी स्टेप है। कई बार बस कनेक्टर टाइट कर दिया या मैग्नेट साफ किया, गाड़ी झटपट चल पड़ी।
निष्कर्ष
सीधा सा फंडा है – P0718 कोड दिखे तो समझो ट्रांसमिशन इनपुट स्पीड सेंसर या उसकी सिग्नल लाइन में लोचा है। टाइम पर डायग्नोस करो, वरना गाड़ी की सेफ्टी भी खतरे में पड़ सकती है और ट्रांसमिशन की जेब पर भी बोझ बढ़ जाएगा। सबसे भरोसेमंद तरीका – पहले वायरिंग, कनेक्टर और सेंसर ठीक से चेक करो, साफ-सफाई करो, और जरूरत पड़े तो मैन्युफैक्चरर के हिसाब से पार्ट बदलो। जल्दी रिपेयर कराओ, आगे की टेंशन से बचो – यही मेरा सालों का अनुभव बोलता है।





