DTC P246E

22.01.2026
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clock6 मिनट पढ़ना
लेखक:राकेश कुमारसत्यापित:ओलेह स्टेपानचुक
कार का इंजन और/या ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
कोड: P246E - एक्ज़ॉस्ट गैस तापमान सेंसर सर्किट (EGT Sensor) बैंक 1 के सेंसर 4 में गड़बड़ी है, जिससे तापमान डेटा सही नहीं मिल रहा है।

देखो, जब आपकी गाड़ी में कोड P246E आ जाए, तो इसका सीधा मतलब है कि एग्जॉस्ट सिस्टम में जो एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (EGTS) होता है – खास तौर पर 'रैंक 1, सेंसर 4' – उसकी वायरिंग या खुद सेंसर में कुछ गड़बड़ है। ये सेंसर डीज़ल ऑक्सीडेशन कैटेलिस्ट (DOC) या डीज़ल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) के आस-पास फिट रहता है। इसका असली काम होता है एग्जॉस्ट गैस का तापमान नापना और ये डेटा इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) को भेजना। ECM उस डेटा से तय करता है कि इंजन और एमिशन सिस्टम कैसे चलाना है। अब, अगर सेंसर की रीडिंग फैक्ट्री लिमिट से बाहर चली जाए – यानी या तो बहुत कम या बहुत ज्यादा – तो ECM फौरन P246E कोड फेंक देता है। मैंने Chevrolet, Ford, GMC जैसी गाड़ियों में ये दिक्कत कई बार देखी है – वजह सेंसर की उम्र, वायरिंग में कट, कनेक्टर में ढीलापन या सेंसर के ऊपर जमी कालिख हो सकती है।

विषय-सूची

कारण और fault code P246E

अब चलिए असली वजहों की बात करते हैं – ये वो चीज़ें हैं जो मैंने सालों में सबसे ज्यादा देखी हैं:

  • एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (EGTS) का मर जाना या सुस्त हो जाना
  • सेंसर की वायरिंग में कट, खुलापन या शॉर्ट – जैसे चूहे ने कुतर दिया हो या रोड डेब्रिस ने तार उधेड़ दी हो
  • कनेक्टर में ढीला, टेढ़ा या गला हुआ पिन
  • एग्जॉस्ट में कहीं से लीकेज – एक बार एक ट्रक आया था जिसमें सिर्फ एक छोटा सा छेद था, और सेंसर की रीडिंग पूरी तरह गड़बड़ा गई थी
  • सेंसर पर मोटी कालिख या डीज़ल के पार्टिकल्स की परत – कई बार बस सफाई से ही सारा मामला ठीक हो जाता है

ज्यादातर बार, गड़बड़ी सेंसर या उसकी वायरिंग में ही निकलती है। मेरी सलाह – इन हिस्सों को सबसे पहले अच्छे से चेक करो, वहीं से आधी प्रॉब्लम पकड़ में आ जाएगी।

लक्षण और obd P246E

अब बात करते हैं – जब P246E कोड एक्टिव हो जाता है तो गाड़ी क्या करती है? मेरे गेराज में आए कस्टमर अक्सर ये शिकायतें लेकर आते हैं:

  • इंजन चेक लाइट या सर्विस इंजन लाइट जल जाती है – सबसे पहली निशानी यही है
  • गाड़ी सुस्त चलने लगती है – जैसे दम घुट रहा हो, पिकअप नहीं आता
  • डीपीएफ की रीजनरेशन ठीक से नहीं होती – गाड़ी ज्यादा धुंआ छोड़ने लगती है
  • एमिशन टेस्ट में गाड़ी फेल हो जाती है – खासकर उन शहरों में जहां टेस्टिंग सख्त होती है

कई बार सिर्फ एक लाइट जलती है और सब चलता रहता है, लेकिन अगर इसे इग्नोर किया तो आगे चलकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है – मैंने कई बार देखा है, लोग बाद में पछताते हैं।

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निदान और dtc P246E

अब असली मजा आता है डायग्नोस करने में! मैं हमेशा सबसे आसान और जल्दी पकड़ में आने वाली चीज़ों से शुरू करता हूं:

  • गाड़ी बंद करके, सबसे पहले सेंसर और उसकी वायरिंग को अच्छे से देखो – कहीं कोई तार कटा, जला या खुला तो नहीं
  • कनेक्टर को खोलो – पिन मुड़े हैं, टूटे हैं, या उन पर जंग लगी है? कई बार बस पिन टाइट करने से काम बन जाता है
  • अगर सब कुछ ठीक दिखे, तो मल्टीमीटर से वायर की कंडक्टिविटी चेक करो – ओपन या शॉर्ट है तो फौरन पकड़ में आ जाएगा
  • सेंसर पर मोटी कालिख दिखे तो हल्के हाथ से साफ करो – जरा भी जोर से दबाओगे तो सेंसर टूट सकता है, ये नाजुक होते हैं
  • फिर ECM से लाइव डेटा देखो – सेंसर क्या रीडिंग भेज रहा है, फैक्ट्री स्पेसिफिकेशन के अंदर है या बाहर
  • एग्जॉस्ट सिस्टम में लीकेज ढूंढो – कभी-कभी सेंसर तो ठीक होता है पर एग्जॉस्ट में छेद सेंसर की रीडिंग बिगाड़ देता है

इन स्टेप्स को फॉलो करोगे, तो 90% मामलों में असली वजह मिल ही जाती है।

आम गलतियाँ और code P246E

अब कुछ वो गलतियां जो मैंने लोगों को बार-बार करते देखा है:

  • सिर्फ कोड देखकर सीधा नया सेंसर खरीद लाना – बिना पुराने सेंसर, वायरिंग या कनेक्टर को देखे
  • सेंसर की सफाई किए बिना नया सेंसर लगाना – कई बार बस जमी हुई कालिख हटाने से ही सब ठीक हो जाता है
  • एग्जॉस्ट में लीकेज की जांच करना भूल जाना – एक छोटी सी लीक भी सेंसर को बेवजह दोषी बना देती है
  • कनेक्टर के पिन्स की हालत इग्नोर कर जाना – मैंने कई बार देखा, बस पिन टाइट करने से कोड गायब हो जाता है

ऐसी जल्दीबाजी में खर्चा बढ़ जाता है, और दिक्कत भी ज्यों की त्यों रहती है। मेरा फंडा – हर चीज़ को अपनी आंखों से देखो, तभी असली जड़ पकड़ में आती है।

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गंभीरता और eobd obdii P246E

अब सवाल उठता है – कितना सीरियस है ये कोड? सीधी बात कहूं तो, इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर सेंसर गलत डेटा भेज रहा है, तो इंजन कंट्रोल मॉड्यूल भी गड़बड़ चलाएगा – उससे DPF, कैटेलिस्ट या टर्बो तक बर्बाद हो सकता है। एक बार मेरे पास एक पिकअप आई थी, जिसमें यही कोड हफ्तों तक इग्नोर किया, और आखिर में DPF ही बदलना पड़ा – जेब पर मोटा खर्चा। मेरी सलाह – जितनी जल्दी हो सके ठीक कराओ, वरना आगे चलकर इंजन की बड़ी रिपेयरिंग झेलनी पड़ सकती है।

मरम्मत और trouble code P246E

अब रिपेयर की बारी – यहां वो स्टेप्स हैं जो मैंने अपने गेराज में दर्जनों बार फॉलो किए हैं:

  • अगर सेंसर मरा हुआ है, तो नए एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (EGTS) से बदल दो
  • वायरिंग या कनेक्शन में कट, ढीलापन या शॉर्ट है, तो उसे रिपेयर या बदल दो
  • सेंसर पर जमी गंदगी को साफ करो – कभी-कभी बस सफाई से ही वो फिर से एकदम नया काम करने लगता है
  • एग्जॉस्ट में लीक है, तो उसे वेल्डिंग या क्लैंप से ठीक कराओ

मेरा तरीका यही है – सबसे पहले सफाई और वायरिंग चेक, उसके बाद ही नया सेंसर लगाओ। सीधा नया पार्ट डालने से बेहतर है पहले पुराने को अच्छे से चेक करो।

YouTube पर "त्रुटि p246e" के लिए वीडियो

निष्कर्ष

तो बात साफ है – अगर आपकी गाड़ी में P246E कोड आ गया है, तो एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (रैंक 1, सेंसर 4) में गड़बड़ी है। इसे इग्नोर करना खतरनाक है – जल्दी डायग्नोस करो, पहले वायरिंग, कनेक्टर और सेंसर को देखो, फिर जो पार्ट खराब है वही बदलो। इसी तरह से गाड़ी भी दुरुस्त रहेगी, और आपकी जेब भी बची रहेगी।

dtc p246e
22.01.2026
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लेखक:राकेश कुमारसत्यापित:ओलेह स्टेपानचुक
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