अब देखिए, जब आपकी गाड़ी में p0335 कोड आ जाता है, तो इसका मतलब होता है कि 'क्रैंकशाफ्ट पोजीशन “A” सर्किट में गड़बड़ है'। सीधी बात ये है कि आपकी गाड़ी का कंप्यूटर (PCM) क्रैंकशाफ्ट पोजीशन सेंसर से कोई भी सही सिग्नल नहीं पकड़ पा रहा। ये सेंसर छोटा सा पार्ट है, लेकिन इसके बिना इंजन के लिए सही टाइम पर फ्यूल देना और स्पार्क करना नामुमकिन है। कई बार ये सेंसर फ्यूल डिलीवरी, वेरिएबल वॉल्व टाइमिंग, और टैकोमीटर जैसी चीजों के लिए भी जुड़ा रहता है। मैंने खुद देखा है, जब ये सेंसर मरा होता है, तो गाड़ी कभी स्टार्ट ही नहीं होती, या फिर चलते-चलते अचानक बंद हो जाती है-और ये Hyundai, Nissan, Toyota जैसी गाड़ियों में भी खूब देखने को मिलता है।
DTC P0335
कारण और obd P0335
अब बात करते हैं p0335 कोड के पीछे की असली वजहों की। मैं आपको सीधे-सीधे बताता हूँ, क्या-क्या देखा है इतने सालों में:
- क्रैंकशाफ्ट पोजीशन सेंसर डेड होना – 90% केसों में यही खेल होता है। याद है एक बार मेरे पास एक Hyundai आई, मालिक ने पूरा फ्यूल पंप बदलवा दिया, पर असली गड़बड़ तो सेंसर में थी।
- रिलक्टोर रिंग टूटना या डैमेज होना – सेंसर उसी रिंग को पढ़ता है। एक बार एक Nissan में रिंग ही फटी थी, सेंसर बदलने से कुछ नहीं हुआ।
- सेंसर की वायरिंग या कनेक्शन में गड़बड़ी – कभी वायर कट हो जाती है, कभी कनेक्टर ढीला रह जाता है, या कहीं शॉर्ट हो जाता है। ये इतनी मामूली चीजें होती हैं कि लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
- PCM (कंप्यूटर) में गड़बड़ या सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत – कई बार कंप्यूटर खुद ही गच्चा दे जाता है। एक Toyota में तो बस रीप्रोग्रामिंग से ही सब सही हो गया था।
इनके अलावा भी वजहें हो सकती हैं, मगर सबसे ज्यादा बार ऊपर वाली दिक्कतें ही निकलती हैं। p0335 hyundai, p0335 nissan, p0335 toyota – सब में ये ही कहानी रहती है।
लक्षण और code P0335
अगर आपकी गाड़ी में dtc p0335 आ रहा है, तो ये लक्षण अक्सर दिखते हैं:
- चेक इंजन लाइट जलना – सबसे पहली और साफ निशानी।
- इंजन स्टार्ट करने में दिक्कत – कभी-कभी तो पूरी तरह से मना कर देता है।
- इंजन चलते-चलते बंद हो जाना या झटके देना – मानो किसी ने अचानक स्विच ऑफ कर दिया हो।
- इंजन मिसफायर या रफ चलना – गाड़ी ऐसे हिचकोले खाएगी जैसे पुरानी बस। आवाजें आएंगी, वाइब्रेशन महसूस होगी।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो इसे हल्के में मत लेना। मैंने देखा है, लोग सोचते हैं बाद में देखेंगे, लेकिन बाद में वही गाड़ी रोड के किनारे खड़ी मिलती है।

डायग्नोसिस प्रक्रिया और eobd obdii P0335
अब जब कोई गाड़ी p0335 कोड के साथ आती है, तो मैं हमेशा बेसिक से शुरू करता हूँ – 'जैसे जलेबी बनाने से पहले कड़ाही गरम करते हैं'।
- सबसे पहले, बैटरी टर्मिनल खोल दो – सेफ्टी सबसे ऊपर।
- क्रैंकशाफ्ट पोजीशन सेंसर कहाँ बैठा है, वो देखो – हर मॉडल में उसकी जगह अलग होती है। गाड़ी का मैन्युअल या यूट्यूब पर वीडियो देख लो, खुद गच्चा मत खाओ।
- सेंसर के कनेक्टर और वायरिंग को अच्छे से देखो – कहीं कट, जलने के निशान, या कनेक्शन ढीला तो नहीं है। एक बार मेरे पास Nissan आई थी, बस कनेक्टर की एक पिन जंग खा गई थी।
- मल्टीमीटर से सेंसर को टेस्ट करो – अगर रीडिंग गड़बड़ है तो सेंसर बदलना ही पड़ेगा।
- रिलक्टोर रिंग को फिजिकली देखो – एक बार Toyota में रिंग पर ग्रीस की मोटी परत चढ़ गई थी, सेंसर फेल हो गया।
- अगर ऊपर सब सही है, तो PCM को स्कैनर से चेक करो – कभी-कभी कंप्यूटर ही दिक्कत करता है।
डायग्नोसिस में कोई स्टेप समझ न आए, तो झिझको मत – किसी पुराने मैकेनिक या एक्सपर्ट से पूछ लो। जितना सटीक डायग्नोसिस, उतनी जल्दी गाड़ी सड़क पर दौड़ेगी।

आम गलतियां और trouble code P0335
अब सुनो, इतने सालों में सबसे ज्यादा यही देखा है कि लोग जल्दबाजी में ये गलतियां करते हैं:
- सिर्फ सेंसर बदल देना, वायरिंग या कनेक्शन देखे बिना – कई बार तो असली पंगा एक कटे हुए तार में छुपा रहता है।
- रिलक्टोर रिंग पर ध्यान ही नहीं देते – सेंसर नया लगा दिया, रिंग टूटी या जंग लगी रह गई, फिर वही कोड वापस आ जाता है।
- PCM की तरफ बिल्कुल नहीं देखते – सब कुछ बदल दिया, कंप्यूटर को चेक ही नहीं किया। एक बार मेरी शॉप में Hyundai आई थी, असली दिक्कत कंप्यूटर में थी।
- डायग्नोसिस में जल्दबाजी – हर स्टेप को आराम से और ध्यान से फॉलो करो, वरना फिर से वही झंझट लौट आएगा।
इन गलतियों से बचना जरूरी है, नहीं तो टाइम भी बर्बाद होता है और जेब भी खाली हो जाती है।

गंभीरता और dtc P0335
देखो, dtc p0335 कोई मामूली कोड नहीं है। अगर इसे नजरअंदाज कर दिया, तो गाड़ी सड़क पर चलते-चलते बंद हो सकती है-सोचो, हाइवे पर अचानक इंजन बंद हो गया, खतरे की घंटी बज गई। एक्सीडेंट का रिस्क बढ़ जाता है, और अगर मिसफायर या रफ रनिंग लंबे समय तक रही तो कैटेलिटिक कन्वर्टर, इंजन पार्ट्स, और फ्यूल सिस्टम को भारी नुकसान हो सकता है। एक बार मेरे पास Nissan आई थी, मालिक ने महीने भर तक कोड को नजरअंदाज किया, आखिरकार पूरा कन्वर्टर बदलना पड़ा। मेरी सलाह: जितनी जल्दी हो सके, डायग्नोसिस और रिपेयर करवा लो, वरना पछताओगे।
मरम्मत के उपाय और P0335
अब आते हैं असली इलाज पर। मैं जो स्टेप्स बताने जा रहा हूँ, वो मैंने खुद सैकड़ों गाड़ियों में आजमाए हैं:
- क्रैंकशाफ्ट पोजीशन सेंसर बदलना – ज्यादातर केस में यही सबसे जल्दी काम करता है।
- रिलक्टोर रिंग को साफ करना या बदलना – अगर डैमेज या गंदगी हो, तो ये जरूरी है।
- वायरिंग और कनेक्शन रिपेयर करना – कट, शॉर्ट या ढीला कनेक्शन ठीक करो, नहीं तो सेंसर बदलने का भी फायदा नहीं।
- PCM को रीप्रोग्राम या बदलना – कंप्यूटर में दिक्कत हो, तो यही रास्ता है। एक बार Toyota में सिर्फ रीप्रोग्रामिंग से सब ठीक हो गया था।
- अगर टाइमिंग बेल्ट या चेन में पंगा है, तो उसे भी बदलना जरूरी है – सेंसर सही हो, लेकिन टाइमिंग गलत हो तो कुछ फायदा नहीं।
हर गाड़ी का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए मैन्युअल या वर्कशॉप गाइड जरूर देखो। एक छोटी सी चूक से बड़ी मुसीबत आ सकती है।
निष्कर्ष
तो कुल मिलाकर, P0335 कोड यानी क्रैंकशाफ्ट पोजीशन सेंसर या उसकी सर्किट में गड़बड़। ये सेंसर इंजन का दिल है-इसके बिना सब बेकार। सबसे पहले वायरिंग, कनेक्शन और सेंसर को अच्छे से चेक करो, यही सबसे तेज और असरदार तरीका है। जितनी जल्दी डायग्नोसिस और रिपेयर करोगे, उतनी जल्दी गाड़ी फिर से भरोसेमंद हो जाएगी। मेरी दोस्ताना सलाह: टालने का सोचो मत, फौरन किसी एक्सपर्ट से चेक करवाओ या खुद स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ो। गाड़ी की सेहत तुम्हारे हाथ में है!
- P0335 कोड: क्रैंकशाफ्ट पोज़िशन सेंसर बदलने से पहले यह देखें

- P0335 or Crankshaft Position “A” Circuit Malfunction | symptoms | Causes | location | solutions

- P0335 कोड: क्रैंकशाफ्ट पोजिशन सेंसर “A” सर्किट – लक्षण, कारण और समाधान

- Diagnostic Trouble Code P0335 Crankshaft Position Sensor A Circuit Hyundai Xcent

