कारण eobd obdii P0735
अब देखो, इतने सालों की मैकेनिकिंग में मैंने देखा है कि P0735 कोड के पीछे कुछ खास वजहें बार-बार आती हैं:
- ट्रांसमिशन के अंदरूनी हिस्सों में कोई टूट-फूट या फेलियर – कई बार गियर की टीथ घिस जाती हैं, जैसे पुरानी साइकिल की चेन फिसलती है।
- PCM या TCM का दिमाग गड़बड़ाना – ये कंप्यूटर कभी-कभी हैंग हो जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपका पुराना मोबाइल स्लो पड़ जाता है।
- ट्रांसमिशन वॉल्व बॉडी में गड़बड़ी – एक बार मेरे पास एक SUV आई थी, उसकी वॉल्व बॉडी में जरा सा मलबा फंस गया था, और पूरी शिफ्टिंग गड़बड़ा गई थी।
- शिफ्ट सोलिनॉयड की मौत – ये छोटे-छोटे एक्ट्यूएटर होते हैं, जो गियर को अंदर-बाहर करते हैं। इनमें से कोई सुस्त पड़ गया तो काम तमाम!
- ट्रांसमिशन फ्लूइड का लेवल कम या फ्लूइड गंदा/पुराना – फ्लूइड की हालत ऐसी हो जाए जैसे ठंड में सरसों का तेल, तो सबकुछ जाम!
- वायरिंग या कनेक्शन में कोई ढीलापन या कट – एक बार एक कार बस इसलिए परेशान कर रही थी क्योंकि ट्रांसमिशन की ग्राउंड वायर अधूरी जुड़ी थी।
याद रखो, सबसे पहले हमेशा ट्रांसमिशन फ्लूइड और शिफ्ट सोलिनॉयड को ही देखो। छोटी सी लापरवाही कभी-कभी बड़ा सिर दर्द बन जाती है।
लक्षण P0735
अब सवाल आता है, कैसे पता चले कि गाड़ी में P0735 कोड की दिक्कत है? मैंने देखा है कि ज्यादातर लोग ये शिकायत लेकर आते हैं:
- डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट या मालफंक्शन इंडिकेटर लाइट चमक उठती है – यही गाड़ी का SOS सिग्नल है।
- गियर शिफ्टिंग में अटकना, खासकर पांचवें गियर में – जैसे आप जबरदस्ती गियर डाल रहे हों और वो माने ही ना।
- पेट्रोल की खपत अचानक बढ़ जाना – गाड़ी को लगता है ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।
- ड्राइविंग के दौरान झटके, पावर कम लगना – हाईवे पर गाड़ी दौड़ाने की बजाय सुस्त पड़ जाती है।
कई बार लोग बताते हैं कि गाड़ी स्पीड नहीं पकड़ रही या गियर बदलते वक्त झटका मारती है। ये सब क्लासिक P0735 के लक्षण हैं।

निदान fault code P0735
देखो, डायग्नोसिस का असली मंत्र है – पहले आसान चीजें देखो, बाद में बड़ी चीजों में सिर खपाओ। मैं हमेशा ये स्टेप्स फॉलो करता हूँ:
- पहले ट्रांसमिशन फ्लूइड का लेवल और क्वालिटी चेक करो। नीचे कहीं लीकेज है? फ्लूइड जलने की बदबू तो नहीं आ रही?
- OBD-II स्कैनर से सारे कोड्स पढ़ो – सिर्फ P0735 है या और भी ट्रांसमिशन से जुड़ी गड़बड़ियाँ हैं?
- सारी वायरिंग और कनेक्शन पर नजर डालो – कोई लूज, कट या जला हुआ तार तो नहीं?
- शिफ्ट सोलिनॉयड और वॉल्व बॉडी की फंक्शनिंग टेस्ट करो – इसके लिए गाड़ी को लिफ्ट पर उठाना पड़ सकता है।
- अगर ऊपर सब ठीक है, तो TCM और PCM की सेहत जांचो – कई बार बस रीप्रोग्रामिंग से मामला सेट हो जाता है, कभी-कभी बदलना पड़ता है।
- आखिर में, जब सारी आसान चीजें चेक कर लीं, तो ट्रांसमिशन के अंदरूनी हिस्सों की डीप चेकिंग – यानि ओपनअप – करनी पड़ सकती है।
खास बात – जब गाड़ी को उठाना हो या टेस्ट ड्राइव करनी हो, तो किसी दोस्त या फेलो मैकेनिक की मदद जरूर लो। अकेले में फंसना नहीं है!
सामान्य गलतियाँ obd P0735
अब सुनो, सबसे ज्यादा लोग कहाँ फंसते हैं – या तो बस कोड डिलीट कर देते हैं, या फ्लूइड बदलके खुश हो जाते हैं, सोचते हैं गाड़ी सेट हो गई। ये एक क्लासिक चूक है! असल में, बहुत बार वायरिंग या शिफ्ट सोलिनॉयड की ढंग से जांच ही नहीं होती। एक और बड़ी गलती – ट्रांसमिशन के अंदरूनी हिस्से देखे बिना TCM या PCM बदल देना। मैं हमेशा कहता हूं – हर स्टेप को अच्छे से चेक करो, वरना दोबारा वही गाड़ी फिर से वर्कशॉप में खड़ी मिलेगी, जेब भी हल्की हो जाएगी और वक्त भी जाएगा।

गंभीरता code P0735
अब ये मत सोचो कि P0735 कोड को टाल दोगे तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। गियर शिफ्टिंग की समस्या चलते-फिरते बड़ी मुसीबत बन सकती है – खासकर जब ओवरटेक कर रहे हो या हाईवे पर भाग रहे हो। एक बार मेरे पास एक कार आई थी, जिसे मालिक ने हफ्तों टाल दिया, आखिर में ट्रांसमिशन के गियर सेट और क्लच पैक दोनों बदलने पड़े – खर्चा सोच भी नहीं सकते! अगर इस कोड को इग्नोर किया तो पूरे ट्रांसमिशन की असेंबली बदलवानी पड़ सकती है, और वो जेब पर बहुत भारी पड़ेगा। समय रहते ठीक करवाओ, यही समझदारी है।
मरम्मत dtc P0735
अब रिपेयर की बात करें तो, मेरे हिसाब से ये स्टेप्स सबसे ज्यादा कारगर हैं:
- ट्रांसमिशन फ्लूइड का लेवल सही करो और जरूरत हो तो नया डालो – कई बार बस इतना करने से ही मामला सेट हो जाता है।
- शिफ्ट सोलिनॉयड या वॉल्व बॉडी की मरम्मत या रिप्लेसमेंट – अगर इनमें से कोई हिस्सा सुस्त है, तो नया लगाओ, झंझट खत्म।
- वायरिंग और कनेक्शन की चेकिंग – जले, कटे, या लूज तार को ठीक करो या बदलो।
- TCM या PCM को रीप्रोग्राम या बदलो, अगर टेस्ट में ये फेल हों।
- अगर ट्रांसमिशन के अंदरूनी पार्ट्स में गड़बड़ी है, तो ओवरहॉल या रिप्लेसमेंट ही आखिरी रास्ता है।
एक बात हमेशा याद रखो – हर गाड़ी का सिस्टम थोड़ा अलग हो सकता है, तो अपने मॉडल का OEM मैन्युअल जरूर देखना।
निष्कर्ष
तो भाई, कुल मिलाकर P0735 कोड का मतलब है कि आपकी गाड़ी का पांचवां गियर दिक्कत कर रहा है – और ये कोई मामूली बात नहीं। अगर वक्त रहते सही डायग्नोसिस और मरम्मत नहीं करवाई, तो आगे चलकर बड़ा खर्चा उठाना पड़ सकता है। हमेशा पहले आसान चीजें – फ्लूइड, वायरिंग, सोलिनॉयड – देखो, उसके बाद ही बड़ी रिपेयर में हाथ डालो। और अगर मामला गहरा लग रहा है, तो बिना झिझक किसी भरोसेमंद मैकेनिक या एक्सपर्ट के पास ले जाओ। सही डायग्नोसिस और ओरिजिनल गाइडलाइन ही सबसे सही इलाज है।





