देखिए, जब आपकी गाड़ी में p2035 कोड आता है, तो सीधा सा मतलब है-बैंक 2, सेंसर 2 का एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (EGTS) कुछ गड़बड़ कर रहा है। अब ये सेंसर अकसर डीज़ल गाड़ियों में मिलता है, और इसका काम क्या है? बस, एग्जॉस्ट पाइप से निकलती गरम गैस की सही-सही तापमान मापना। मैं कितनी बार देख चुका हूँ-ये सेंसर डीज़ल ऑक्सीडेशन कैटेलिस्ट (DOC) या डीज़ल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) के आसपास फिट रहता है। इसका डेटा सीधा इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) तक जाता है ताकि इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम दोनों की परफॉर्मेंस और एमिशन कंट्रोल सही रहे। अब अगर ये सेंसर जो सिग्नल भेज रहा है, वो फैक्ट्री के तय मापदंड से बाहर चला गया, ECM तुरंत प2035 कोड फेंक देता है। ये एक तरह का गाड़ी का अलार्म है-'भाई, कुछ गड़बड़ है, देख ले!'
DTC P2035
कारण fault code P2035
देखिए, इतने सालों से गाड़ियों की रिपेयर करते-करते, मैंने प2035 के पीछे कुछ क्लासिक वजहें देखी हैं।
- अक्सर सबसे पहली बात-EGTS सेंसर खुद ही जवाब दे जाता है। मतलब या तो सेंसर 'मरा' हुआ या उसकी रीडिंग्स झूठ बोल रही हैं।
- दूसरी आम बात-वायरिंग में कट, खुला वायर या शॉर्ट सर्किट। एक बार मेरे पास एक GMC आई थी, जिसमें चूहे ने वायरिंग चबा डाली थी-कोई सोच भी नहीं सकता!
- कनेक्टर में कभी-कभी करंट ठीक से नहीं पहुँच रहा होता-ढीला कनेक्शन या पिन जंग लगे हुए। ये बड़ा कॉमन है, खासकर पुरानी गाड़ियों में।
- एग्जॉस्ट सिस्टम में छोटी सी लीकेज भी सेंसर को गड़बड़ रीडिंग देने पर मजबूर कर देती है। एक बार एक Ford Escape आई थी, बस एक मामूली लीकेज था और मालिक समझ रहा था सेंसर गया।
- डीज़ल गाड़ियों में तो सेंसर पर कार्बन और पार्टिकुलेट की मोटी परत जम जाती है। ये ऐसे है जैसे चश्मे पर गर्द जम जाए-आपको दिखेगा ही नहीं।
Chevrolet, Ford, Mercedes-Benz, GMC-सबकी कहानी लगभग एक जैसी ही है, बस सेंसर की जगह या वायरिंग का नक्शा थोड़ा इधर-उधर हो सकता है।
लक्षण code P2035
अब बात करते हैं कि आखिर गाड़ी आपको कौन से इशारे देती है जब p2035 कोड एक्टिव हो जाता है।
- सबसे पहले, डैश पर इंजन चेक लाइट या सर्विस लाइट जल उठती है। ये तो जैसे गाड़ी का 'SOS' सिग्नल है।
- कई बार, गाड़ी चलाते वक्त आपको थोड़ा पिकअप कम लगेगा या परफॉर्मेंस में हल्की गिरावट महसूस होगी-खासकर जब ECM सेफ मोड में चला जाए।
- डीज़ल में तो DPF रीजेनरेशन गड़बड़ होने लगती है, और अगर इग्नोर किया तो फिल्टर ब्लॉक हो सकता है। फिर तो गाड़ी रुकवा देगी!
- कई बार, फ्यूल एवरेज भी कम हो जाता है या एग्जॉस्ट से धुआँ ज्यादा आने लगता है।
लेकिन सच बताऊँ तो, ज्यादातर केस में बस चेक इंजन लाइट ही जलती है। इसे हल्के में मत लीजिए, वरना आगे चलकर बड़ी मुसीबत बुला लेंगे।

डायग्नोसिस trouble code P2035
अब अगर आप मेरी तरह काम करते हैं, तो डायग्नोसिस हमेशा सबसे आसान चीज़ से शुरू करते हैं। फालतू में पार्ट्स बदलना मेरी दुकान की आदत नहीं।
- पहली चीज़-इंजन बंद, और सेफ्टी के लिए बैटरी डिस्कनेक्ट कर लीजिए। सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं।
- अब EGTS (बैंक 2, सेंसर 2) और उसकी वायरिंग को आँखों से अच्छे से चेक कीजिए। कट, जले हुए तार, या खुला तार-ये सब ढूँढिए।
- कनेक्टर खोलिए और देखिए-नमी है, जंग लगी है, या कोई पिन टेढ़ा-मेढ़ा है? कई बार एकदम छोटी-सी बात रहती है।
- अगर सब कुछ सही दिखे, तो सेंसर की रेजिस्टेंस चेक करने के लिए मल्टीमीटर लगाइए। रीडिंग्स ओईएम मैन्युअल के हिसाब से होनी चाहिए।
- अगर रेजिस्टेंस गड़बड़ है या ओपन सर्किट दिख रहा है, तो बिना सोचे समझे सेंसर बदल दीजिए।
- अगर सेंसर ठीक है, तो वायरिंग को ECM तक फॉलो कीजिए-बीच में कहीं कट, शॉर्ट या ब्रेक तो नहीं।
- एग्जॉस्ट में लीकेज या सेंसर पर कार्बन बिल्डअप भी एक बार चेक कर लें, वर्ना सब फोकट।
अगर आपको खुद समझ में नहीं आ रहा, तो किसी भरोसेमंद मिस्त्री के पास गाड़ी ले जाइए। जब तक सही वजह नहीं पकड़ेंगे, तब तक रिपेयर महंगा और बेकार ही होगा।

आम गलतियाँ P2035
अब जरा आम गलतियों की बात करते हैं। भाई, दुकान पर रोज लोग आते हैं जो कोड देखकर सीधा सेंसर बदल आते हैं। लेकिन असली पंगा कहीं और ही छुपा होता है।
- कोड पढ़ते ही पार्ट बदलना-ये सबसे क्लासिक गलती है। कई बार बस कनेक्टर साफ करके या तार जोड़कर काम बन जाता है।
- वायरिंग और कनेक्शन ठीक से चेक नहीं करना-ये एकदम नौसिखियों की गलती है।
- एग्जॉस्ट लीकेज या सेंसर पर जमी कार्बन को नजरअंदाज करना। ऐसे में नया सेंसर भी वही हाल करेगा।
छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं दिया तो जेब भी हल्की होगी और गाड़ी भी बार-बार वर्कशॉप का रास्ता देखेगी।

गंभीरता eobd obdii P2035
देखिए, प2035 कोड को हल्के में लेना सबसे बड़ी भूल है। एक बार Mercedes का मालिक कोड इग्नोर करता रहा-फिर DPF ब्लॉक हो गया, लाखों का झटका लगा।
- इंजन की परफॉर्मेंस गिर जाएगी, एमिशन बढ़ जाएगा-पॉल्यूशन टेस्ट में गाड़ी फेल हो सकती है।
- डीज़ल में DPF पूरी तरह ब्लॉक हो सकता है, जिससे गाड़ी ही बंद हो सकती है।
- अगर लंबे समय तक इग्नोर किया तो ECM या बाकी सेंसर भी मर सकते हैं। रिपेयर का खर्चा सीधा डबल!
मेरी सलाह? इस कोड को टालिए मत। वरना सड़क पर कहीं भी गाड़ी धोखा दे सकती है और जेब पर भी भारी पड़ेगा।
मरम्मत obd P2035
अब मरम्मत की बात कर लें। मेरी दुकान में, इन तरीकों से ज्यादातर गाड़ियाँ ठीक हो जाती हैं:
- अगर EGTS (बैंक 2, सेंसर 2) मरा हुआ है तो नया लगाइए।
- वायरिंग हार्नेस या कनेक्टर में कट या डैमेज है तो रिपेयर कीजिए या नया लगाइए।
- सेंसर पर कार्बन या पार्टिकुलेट जमा है तो WD-40 या कॉन्टैक्ट क्लीनर से साफ कीजिए। हद हो गई तो नया सेंसर ही लगाइए।
- अगर एग्जॉस्ट में लीकेज है तो वेल्डिंग या गैस्केट बदलकर उसे बंद कर दीजिए।
और हाँ, हर स्टेप ओईएम मैन्युअल देखकर ही करें। शॉर्टकट मारेंगे तो बाद में गाड़ी फिर वर्कशॉप आ जाएगी, ये मेरा तजुर्बा है।
निष्कर्ष
तो कुल मिलाकर, p2035 कोड का मतलब है आपके गाड़ी के एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर सेंसर (बैंक 2, सेंसर 2) में कोई गड़बड़ है। जितनी जल्दी पकड़ें और ठीक करें, उतना अच्छा-वरना DPF, कैटेलिस्ट या ECM का नुकसान पक्का। मेरी हमेशा यही सलाह रहती है-पहले वायरिंग, कनेक्शन, और फिर सेंसर को अच्छे से चेक करें। इसे नजरअंदाज मत कीजिए और रिपेयर प्रोसेस को सही तरीके से फॉलो कीजिए, ताकि आपकी गाड़ी हमेशा सड़कों पर भरोसेमंद रहे।




