कारण obd P2105 के साथ
अब तक के मेरे गैरेज के तजुर्बे से कहूँ तो, P2105 कोड आने की सबसे आम वजहें ये हैं:
- MAP सेंसर (मैनिफोल्ड एब्सोल्यूट प्रेशर सेंसर) ने जवाब दे दिया
- APP सेंसर (एक्सीलेरेटर पैडल पोजिशन सेंसर) गड़बड़ कर गया
- TP सेंसर (थ्रॉटल पोजिशन सेंसर) डेड हो गया
- थ्रॉटल एक्ट्युएटर या उसकी मोटर जाम या फेल
- वायरिंग या कनेक्शन में कट या ढीलापन
- PCM (पावरट्रेन कंट्रोल मॉड्यूल) में मसला
अक्सर तो सेंसर या वायरिंग का ही चक्कर निकलता है। एक दफा मेरे पास एक हुंडई आई20 आई थी, कस्टमर बोला गाड़ी बस 20 की स्पीड पर अटकी है। देखा तो APP सेंसर का कनेक्टर हल्का सा ढीला था-बस, वही मसला। इसलिए मैं हमेशा कहता हूँ, सबसे पहले सेंसर के कनेक्शन और वायरिंग देखो, बड़ी-बड़ी चीज़ों में भागने से पहले।
लक्षण dtc P2105 के बारे में
P2105 कोड के आने पर गाड़ी आमतौर पर ये नखरे दिखाती है:
- चेक इंजन लाइट टिमटिमाने लगती है
- कभी-कभी ABS वार्निंग लाइट भी साथ में आ जाती है
- गाड़ी 'लिम्प मोड' में चली जाती है-मतलब, स्पीड कम, पावर कम, और चढ़ाई पर तो सांस फूलने लगती है
- कई बार तो गाड़ी स्टार्ट ही नहीं होती-मानो रूठ गई हो
इन लक्षणों को हल्के में मत लो, भाई। एक बार एक ग्राहक ने लाइट को इग्नोर किया, हाईवे पर गाड़ी रुक गई, टो करवानी पड़ी। परेशानी से बचना हो तो टाइम रहते ध्यान दो।

निदान P2105 के लिए
डायग्नोसिस का काम मैं हमेशा आसान चीज़ों से शुरू करता हूँ-सबसे पहले बैटरी और फ्यूज़ चेक करो। कई दफा छोटी-सी फ्यूज़ ही सारा झमेला कर देती है। फिर कनेक्टर और वायरिंग देखो, कहीं कोई तार कट या ढीला तो नहीं। एक बार मेरे पास स्विफ्ट आई थी, सिर्फ एक वायर का पिन बाहर था, गाड़ी लिम्प मोड में चली गई थी। OBD-II स्कैनर लगाओ, कोड निकालो, और लाइव डेटा में APP, TP, MAP सेंसर की रीडिंग देखो-कुछ आउट ऑफ रेंज दिखे तो उसी को टेस्ट करो। थ्रॉटल बॉडी खोलकर देखो, अंदर कार्बन जमा है या मोटर जाम है क्या? ये सब सही हो, फिर PCM की बारी आती है-क्योंकि सच कहूँ तो PCM कम ही फेल होता है। अगर खुद से न हो रहा हो, तो भरोसेमंद मैकेनिक को दिखाओ, यूट्यूब देखकर अंदाजे मत लगाओ।
सामान्य गलतियाँ fault code P2105 के संदर्भ में
देखिए, सबसे ज्यादा जो गलती लोग करते हैं, वो है बिना टेस्ट किए पार्ट बदल देना। कई बार तो लोग थ्रॉटल बॉडी क्लीन करके ही निश्चिंत हो जाते हैं, असली दिक्कत सेंसर या वायरिंग में रहती है। एक बार एक ग्राहक ने APP सेंसर बदलवा दिया, बाद में पता चला प्रॉब्लम सिर्फ एक ढीले कनेक्शन की थी। और हाँ, PCM को तुरंत दोषी मत मानो-वो बेचारा आखिर में ही फेल होता है। इसलिए हर स्टेप सोच-समझकर फॉलो करो, नहीं तो जेब और दिमाग दोनों का बैंड बज जाएगा।

गंभीरता code P2105 के अनुसार
अब बात आती है-मामला कितना गंभीर है? यकीन मानिए, मजाक नहीं है। अगर गाड़ी लिम्प मोड में है या स्टार्ट नहीं हो रही, आप सड़क पर फँस सकते हैं। ABS लाइट जलने का मतलब ब्रेकिंग भी खतरे में आ सकती है। एक बार की लापरवाही सेंसर, थ्रॉटल एक्ट्युएटर या PCM को पूरी तरह फेल कर सकती है-फिर रिपेयर का खर्चा तीन गुना। मेरी सलाह: कोड दिखते ही निपटाओ, वरना दिक्कत बढ़ेगी। सेफ्टी से समझौता कभी मत करो।
मरम्मत eobd obdii P2105 के साथ
अब मरम्मत की बारी-मैं क्या करता हूँ? सबसे पहले, जो सेंसर (MAP, APP, TP) टेस्ट में खराब निकले, उन्हें बदलो। वायरिंग में कट, जला हुआ तार या ढीला कनेक्शन दिखे, तो उसे ठीक करो। थ्रॉटल एक्ट्युएटर या मोटर जाम हो, तो रिप्लेस करो-एक बार मैंने सर्जिकल स्पिरिट से जाम मोटर खोल दी थी, पर हमेशा काम नहीं आता। PCM का नंबर आखिरी में आता है-जब बाकी सब फेल हो जाए, तभी उसे रिप्लेस या रीप्रोग्राम करो। हर रिपेयर के बाद कोड क्लियर करो, और टेस्ट ड्राइव लेना मत भूलो-कई बार गाड़ी पहली नजर में ठीक लगती है, असलियत टेस्ट ड्राइव में पता चलती है।
निष्कर्ष
तो भाई, P2105 कोड का मतलब है कि आपकी गाड़ी का थ्रॉटल सिस्टम फोर्स्ड शटडाउन मोड में चला गया है, और अब गाड़ी लिम्प मोड में है। सेफ्टी के लिए ये कोड बहुत गंभीर है, टालना ठीक नहीं। सबसे पहले सेंसर और वायरिंग चेक करो, फिर थ्रॉटल एक्ट्युएटर, और आखिर में PCM। रिपेयर का प्रोसेस सही तरीके से फॉलो करो, ताकि गाड़ी फिर से बढ़िया चले और आप सुकून से सफर कर सको।





